Home India सुधांशु त्रिवेदी समेत 5 सांसदों ने राघव चड्ढा के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

सुधांशु त्रिवेदी समेत 5 सांसदों ने राघव चड्ढा के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

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सुधांशु त्रिवेदी समेत 5 सांसदों ने राघव चड्ढा के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

Privilege Notice Against Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी, नरहरि अमीन, पी कोन्याक, बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा और AIADMK नेता थम्बी दुरई ने विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है. इससे राघव चड्ढा की सांसदी पर खतरा मंडराने लगा है. वहीं, मामले को लेकर राघव चड्ढा ने कहा है कि विशेषाधिकार समिति जब उन्हें नोटिस भेजेगी तब वह इसका जवाब देंगे. 

दरअसल, सोमवार (7 अगस्त) को राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल पर चर्चा के दौरान फर्जीवाड़े के आरोप लगे. आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा पर आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से पांच सांसदों के नाम का जिक्र कर दिल्ली ट्रांसफर-पोस्टिंग बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव रखा. जब मामला सामने आया तब चेयर की तरफ से हरिवंश ने सांसदों के नाम पढ़े, इस दौरान इन सांसदों ने अपना नाम देने से इनकार कर दिया.

राघव चड्ढा पर इन सांसदों के नाम इस्तेमाल करने का आरोप

राघव चड्ढा की ओर से सेलेक्ट कमेटी को भेजे गए प्रस्ताव के समर्थन में जिन पांच सांसदों के नामों के शामिल करने का आरोप लगा है, उनमें सुधांशु त्रिवेदी, नरहरि अमीन, थम्बी दुरई, सस्मित पात्रा और नागालैंड की सांसद पी कोन्याक के नाम शामिल हैं. 

गृह मंत्री शाह बोले ये फर्जीवाड़ा है

गृह मंत्री अमित शाह इससे नाराज हुए और उस वक्त अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा कि ‘ये फर्जीवाड़ा है’. अमित शाह ने कहा कि पार्लियामेंट के रिकॉर्ड पर यह लेना चाहिए और जिसने फर्जीवाड़ा किया है उस पर कार्रवाई करनी चाहिए. राज्यसभा सांसद नरहरि अमीन ने भी अपना नाम दिल्ली सेवा बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने के समर्थन में होने पर आश्चर्य जताया और इसकी जांच की मांग सदन में की. 

खतरे में पड़ सकती है राघव चड्ढा की सांसदी

राघव चड्ढा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव आया तो उनकी सांसदी भी खतरे में पड़ सकती है. चड्ढा के खिलाफ की गई शिकायत को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाएगा. समिति शिकायत की जांच करेगी. अगर तथ्य सही पाए गए और राघव चड्ढा 5 अन्य सांसदों के नाम गलत तरीके से इस्तेमाल करने के दोषी पाए गए तो उनकी सांसदी को रद्द करने की सिफारिश विशेषाधिकार समिति कर सकती है.

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