Home India ‘ये त्रासदी एक गंभीर चेतावनी’, पुरी भगदड़ हादसे पर बोले राहुल गांधी, सरकार से कर दी ये मांग

‘ये त्रासदी एक गंभीर चेतावनी’, पुरी भगदड़ हादसे पर बोले राहुल गांधी, सरकार से कर दी ये मांग

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‘ये त्रासदी एक गंभीर चेतावनी’, पुरी भगदड़ हादसे पर बोले राहुल गांधी, सरकार से कर दी ये मांग

Stampede Sri Gundicha Temple: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (29 जून,2025) को पुरी में एक मंदिर के पास हुई भगदड़ की घटना को ‘अत्यंत दुखद’ बताया और ओडिशा सरकार से राहत प्रयासों में तेजी लाने का आग्रह किया. अधिकारियों ने कहा कि रविवार सुबह श्री गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ मचने से दो महिलाओं समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 50 अन्य घायल हो गए. राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत प्रयासों में हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘यह त्रासदी एक गंभीर चेतावनी है कि ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की गंभीरता से तैयारी और समीक्षा होनी चाहिए. जीवन की रक्षा सर्वोपरि है और इस जिम्मेदारी में कोई चूक स्वीकार्य नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं. ओडिशा सरकार से अपील है कि राहत कार्यों में तेजी लाए और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि वो इसमें हर संभव मदद करें.’

कैसे हुआ ये हादसा?

ओडिशा के पुरी में श्री गुंडिचा मंदिर के निकट रविवार को मची भगदड़ में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी और करीब 50 अन्य घायल हो गए. पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ एस. स्वैन ने बताया कि यह घटना सुबह करीब चार बजे हुई, जब सैकड़ों श्रद्धालु रथयात्रा उत्सव देखने के लिए मंदिर के पास एकत्रित हुए थे. जिस अस्पताल में घायलों का उपचार हो रहा है, वहां के एक अधिकारी ने बताया कि 50 घायलों में से 6 लोग अब भी होश में नहीं आए हैं और उनकी हालत बहुत गंभीर है.

अधिकारियों ने बताया कि अनुष्ठान के लिए सामग्री ले जा रहे दो ट्रकों के भगवान जगन्नाथ और उनके भाई भगवान बलभद्र व देवी सुभद्रा के रथों के पास भीड़भाड़ वाले स्थान पर घुसने के बाद अफरा-तफरी मच गयी. बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवताओं की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही मंदिर के बाहर एकत्र हो गए थे, क्योंकि अनुष्ठान के तहत भगवान के चेहरों पर से पाहुड़ा (कपड़ा) हटाया जाना था.

मुख्यमंत्री ने भी जताई संवेदना

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘भगदड़ की घटना के लिए मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं. महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता अधिक थी. धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं. हम भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं.

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