Home India बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर पहली बार बोलीं प्रियंका गांधी, मोदी सरकार से कर दी ये बड़ी मांग

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर पहली बार बोलीं प्रियंका गांधी, मोदी सरकार से कर दी ये बड़ी मांग

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर पहली बार बोलीं प्रियंका गांधी, मोदी सरकार से कर दी ये बड़ी मांग

Priyanka Gandhi on Bangladesh Violence: वायनाड से सांसद और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने पहली बार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा पर खुलकर बात की है. प्रियंका गांधी ने सोमवार (16 दिसंबर 2024) को लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की.

प्रियंका गांधी ने कहा, “आज विजय दिवस है. आज ही के दिन भारत ने बांग्लादेस को आजादी दिलाई थी. जिन जांबांजों ने ये लड़ाई लड़ी, उन सभी शहीदों को नमन करती हूं, मैं जनता को नमन करती हूं, आज के दिन जो विजय भारत ने पाई, वो उनके बिना नहीं हो सकता था. भारत अकेला खड़ा था. दुनिया ने कोई सुनवाई नहीं की थी. बंगाली भाई बहनों की आवाज कोई नहीं सुन रहा था.”

‘सरकार को आवाज उठानी चाहिए’

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, “मैं इंदिरा गांधी को नमन करना चाहती हूं. वह देश की महान शहीद हैं. उन्होंने साहस दिखाया, नेतृत्व दिखाया जिससे ये देश विजयी हुआ. वो वसूलों की लड़ाई थी. आज बांग्लादेश में जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार हो रहा है, उसके खिलाफ सरकार को आवाज उठानी चाहिए.”

राज्यसभा में खरगे ने भी की चर्चा

इससे पहले राज्यसभा में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज विजय दिवस है. हमारी बहादुर नेता और देश की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने आज ही के दिन पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश को आजाद किया. एक लाख लोगों को बंदी बना कर देश का नाम रोशन किया. आयरन लेडी ने पूरी दुनिया को संदेश दिया… आज बांग्लादेश में गड़बड़ी चल रही है, सरकार को वहां के अल्पसंख्यकों को बचाने के प्रयास करने चाहिए.

बीजेपी के निशिकांत दुबे ने भी किया जिक्र 

बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेश की आजादी को याद करते हुए लोकसभा में कहा कि भारतीय सेना के नायकों और उस वक्त की लीडरशिप ने बड़ा काम किया था. पाकिस्तान ने बांग्लादेश में जो प्रजातंत्र की हत्या की थी, उसमें हमनें लोकतंत्र की स्थापना की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में बाबू जगजीवन राम की भूमिका को भुला दिया गया. निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी जी के योगदान से इनकार नहीं है, लेकिन बाबू जगजीवन राम के योगदान को भुला दिया गया.

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