Home India ‘धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं है और…’, वक्फ संशोधन बिल पर केंद्र सरकार ने दी ये दलीलें

‘धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं है और…’, वक्फ संशोधन बिल पर केंद्र सरकार ने दी ये दलीलें

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‘धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं है और…’, वक्फ संशोधन बिल पर केंद्र सरकार ने दी ये दलीलें

Waqf Board Bill Amendment: वक्फ संशोधन बिल गुरुवार (08 अगस्त) को लोकसभा में पेश किया गया. इस बिल पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में उठाए गए सवालों का जवाब दिया. किरेन रिजिजू ने कहा, ‘बिल में संविधान का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है. धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं है.’

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आर्टिकल 25 और 26  के अंदर वक्फ बोर्ड नहीं आता है, जिनको हक नहीं मिला है, उन्हें हक देने के लिए ये बिल लाया गया है. उन्होंने कहा, ‘जिनको दबाकर रखा गया है, उनको जगह देने के लिए ये बिल लाया गया है. बिल का समर्थन करने वालों को दुआएं मिलेंगी. अंदर ही अंदर सब समर्थन दे रहे हैं.’

राहुल गांधी पर कसा तंज

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में राहलु गांधी पर तंज कसते हुए कहा, ‘राहुल अभी अभी बाहर निकले हैं, लेकिन वो सहमति देकर निकले हैं. मुस्लिमों को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है. मुझसे मुस्लिम प्रतिनिधियों ने मुलाकात की है. बोहरा, अहमदिया समुदाय की संख्या कम है तो क्या उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाएगा. क्या अगर उनकी संख्या कम है तो उनकी बात नहीं सुनी जानी चाहिए.

‘वक्फ बोर्ड पर माफिया की तरफ कब्जा है’

उन्होंने कहा, ‘अगर एक समुदाय छोटे-छोटे समुदाय को कुचल देगा तो हम इस सदन में बैठकर कैसे देखेंगे. विपक्ष सिर्फ चंद लोगों की आवाज उठा रहा है. देश में जितना भी वक्फ बोर्ड है, उस पर माफिया लोगों का कब्जा हो गया है.’ बता दें कि वक्फ संशोधन बिल पर विपक्षी सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा किया. 

‘मुसलमानों को दिया अधिकार’

किरेन रिजिजू ने कहा, ‘बिल पास होने के बाद जितने केस पेंडिंग पड़े हैं उनका नतीजा तय होगा और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी. इस बिल में जो टाइटल है, उसको हमने बदला है. 2013 में जो बदलाव किया गया था उसमें कोई भी वक्फ घोषित कर सकता था लेकिन हमने बदलाव करके सिर्फ मुसलमानों को ये अधिकार दिया है.’

विपक्ष पर लगाए ये आरोप

इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों को भी जमकर घेरा. वो बोले, ‘विपक्ष सिर्फ चंद लोगों की आवाज उठा रहा है. देश में जितना भी वक्फ बोर्ड है, उस पर माफिया लोगों का कब्जा स्थापित हो गया है. कर्नाटक राज्य में 2012 में अल्पसंख्यक कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया कि वक्फ बोर्ड ने हजारों एकड़ जमीन कमर्शियल लैंड में कन्वर्ट कर दिया. ये लोग मनमानी कर रहे हैं. कम से कम कांग्रेस को बोलना तो चाहिए था.’

उठाया 1500 साल पुराना मामला

किरेन रिजिजू ने कहा कि तमिलनाडु में एक शख्स अपनी जमीन बेचने गए तो बताया गया कि आपकी जमीन तो वक्फ के नाम पर है, उस गांव का इतिहास 1500 साल पुराना है. बताया कि,  ‘वक्फ कानून में बदलाव के लिए 2015 से ही सुझाव लिए जा रहे थे. 2024 में अचानक से बिल लेकर नहीं आया गया है. कश्मीर से लेकर लखनऊ तक बैठकें हुई हैं.’

‘ऐसे कानून, जो संविधान से ऊपर’

उन्होंने कहा, ‘विपक्ष ने इस मुद्दे पर संविधान का हवाला दिया. कोई भी कानून संविधान से ऊपर नहीं हो सकता लेकिन वक्फ में ऐसे कई कानून हैं जो संविधान से ऊपर हैं. बंटवारे के वक्त पाकिस्तान जाने वाले मुस्लिमों ने वक्फ बोर्ड को अपनी संपत्तियां दान दे दी थीं. मैं पूछना चाहता हूं कि अगर दान का फायदा किसी मुस्लिम महिला और बच्चे को लाभ नहीं मिलता है तो क्या सरकार को चुपचाप बैठना चाहिए.’

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